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15/01/2015
आज की मुरली का revision
प्रश्न अपने को संगमयुगी ब्राह्मण क्यों समझना चाहिए ?
उत्तर 1 सतयुगी झाड़ देखने में आयेंगें।
2 अपार ख़ुशी में रहेंगे
3 हमारा बेड़ा पार हो जाएगा ।
प्रश्न कौन सी चीज़ इस सृष्टि चक्र पर सदा कायम रहती है?
उत्तर केवल शिवबाबा ही इस सृष्टि चक्र में सदा कायम रहते हैं ।
प्रश्न विचार सागर मंथन किसे कहते हैं ?
उत्तर संगम पर जो हम नई नई बातें सुनते है उसका चिंतन जब बुद्धि में चलता है और ज्ञान रत्न के रूप में मुख से निकलता है -- उसे विचार सागर मंथन कहते है ।
प्रश्न कौन बच्चे स्वर्गवासी बनेंगे?
उत्तर संगमयुगी बच्चे ही स्वर्गवासी बनेंगें ।
प्रश्न बाबा ने मुर्दे किसे कहा है ?
उत्तर जो बच्चे कामचिता पर बैठ कर विकारों की आग में जल रहे हैं बाबा ने उनको मुर्दे कहा है ।
प्रश्न अत्तिन्द्रिय सुख की भासना किसे आती है ?
उत्तर गोप गोपियों को -- जो बाबा के बच्चे प्रतिदिन आनंद में रहते , ज्ञान और योग की शिक्षा ले रहे हैं।
प्रश्न ईश्वरीय मिशन कौन हैं ?
उत्तर ईश्वरीय मिशन हम बच्चे हैं , जो औरों को शूद्र से ब्राह्मण , ब्राह्मण से देवता बनाते हैं ।
प्रश्न मुखवंशावाली ब्राह्मणों का मुख्य लक्षण क्या है ?
उत्तर मुख वंशावली ब्राह्मण मनसा वाचा कर्मणा पवित्र होते हैं । कोई भी अपवित्र कर्तव्य नहीं करते हैं परंतु ऐसी अवस्था जमाने में टाइम तो लगता है ।
प्रश्न बच्चों को सजाएँ क्यों खानी पड़ती हैं ?
उत्तर कोई भी ऐसा कर्म जो श्रीमत के अनुसार नहीं है अगर बच्चे करते हैं तो सजाएँ खानी पड़ती हैं । सज़ा खाने से हिसाब किताब चुक्तू हो जाता है ।
प्रश्न हमारा युद्ध किसके साथ है?
उत्तर हम बच्चों का युद्ध माया अर्थात् 5 विकारों के साथ है ।यह युद्ध सबसे अधिक टाइम चलता है ।कुछ बच्चे माया से युद्ध में हार जाते हैं और मर जाते हैं अर्थात ज्ञान में नहीं चल पाते ।
प्रश्न बाबा से हमारे मुख्य 3 सम्बन्ध कौन से हैं ?
उत्तर 1 सुप्रीम बाप
2 सुप्रीम टीचर
3 सतगुरु
प्रश्न कौन से बच्चे बहुत अधिक ख़ुशी में रहते हैं ?
उत्तर महारथी बच्चे जिन्हें दूसरों के कल्याण का शौक रहता है , प्रदर्शनी आदि में सर्विस करते हैं -- ऐसे बच्चे बहुत ख़ुशी में रहते हैं ।
प्रश्न आज की मुरली में बाबा ने हम बच्चों को क्या क्या टाइटल दिए हैं?
उत्तर 1 ऑन गॉड fatherly सर्विस
2 स्वदर्शन चक्र धारी
3 चैतन्य लाइट हाउस
प्रश्न गीता का भगवान कौन है ?
उत्तर गीता का भगवान पतित पावन बाप , ज्ञान का सागर है । वहीँ ज्ञान और योग बल से विश्व परिवर्तन का कार्य कराते हैं ।
प्रश्न हम बच्चों की सच्ची सच्ची माँ कौन है ?
उत्तर ब्रह्मा बाबा क्योंकि सबसे पहले शिवबाबा इनमे प्रवेश करके हम आत्माओं को अपना बच्चा बनाते हैं ।
प्रश्न बच्चों को याद की यात्रा difficult क्यों लगती है ?
उत्तर क्योंकि ये बॉक्सिंग है माया और ईश्वर के बच्चों की । जब बच्चे माया से हार जाते हैं तो बाबा की याद बुद्धि से भूल जाती है ।
प्रश्न अब हम बच्चों की aim क्या है ?
उत्तर माया पर जीत पाकर कर्मातीत अवस्था में जाना और नई पवित्र दुनिया के मालिक बनना ।
प्रश्न आज की मुरली में बाबा ने क्या क्या revise कराया ??
उत्तर 1 हम बच्चे ईश्वरीय मिशन के हैं ।
2 हम ऑन गॉड फादर्ली सर्विस पर हैं।
3 मनमना भव ।
4 आदि मध्य अन्त की नाॅलेज ।
5 स्वदर्शन चक्रधारी
6 चैतन्य लाइट हाउस ।
7 गीता का भगवान ज्ञान का सागर पतित पावन है वही ज्ञानबल और योगबल से कार्य कराते हैं।
8 भारत का प्राचीन योग मशहूर है ।
जो हम अब सीखते हैं।
9 सब का बाप एक है उस के दिए गए ज्ञान से हम जन्म लेते हैं ।
सच्ची सच्ची मदर ब्रह्मपुत्रा है।
पहले पहले सागर और ब्रह्मपुत्रा इनका संगम होता है।
मामेकम् याद करो तो विक्रम विनाश होंगे ।
पहले पहले अपने को आत्मा समझो
फिर आत्मओं का पिता परमात्मा है।
यह बॉक्सिंग है माया और ईश्वर के बच्चो की।
माया पर जीत पा कर कर्मातीत अवस्था को पाना है ।
सतयुग में कर्म सम्बन्ध था। आत्मा पवित्र थी ।
अब कर्मबंधन है ।पुरानी दुनिया में पतित हो पड़े है ।
प्रश्न सारा दिन किन बातों का मंथन चलना चाहिए ?
उत्तर मुरली पढ़ कर ज्ञान के शौकीनों को एकांत में बैठ कर मनन चिन्तन करना चाहिए ।
प्रश्न सबको क्या समझ कर ज्ञान देना चाहिए ।
उत्तर किसी को किसी धर्म का ना समझ कर आत्मा समझ कर ज्ञान देना चाहिये ।आत्मा आत्मा
भाई भाई है सारे । आत्मा की प्रैक्टिस डालो ।नाम रूप देह सब भूल जाए ।
प्रश्न बाबा ने कौन सी हिम्मत दिलाई है ?
उत्तर अगर माया से हारते हो।तो फिर उठकर खड़े हो जाओ ।
प्रश्न हमें क्या फखुर होना चाहिये ???
उत्तर बाप आकर हम बच्चों को आपे ही पढ़ाते हैं।
प्रश्न अव्यभिचारी याद क्या है ???
उत्तर एक बाप को ही याद करना अव्यभिचारी याद है ।
गीता ,अमरनाथ की कथा और सत्य नारायण की कथा एक है। गीता से ही हम नर से नारायण बनते हैं ।
सिर्फ एक शिव बाबा ही कायम है।
आत्मा के पंख टूट गये हैं ।इसलिए वो उड़ नहीं पाती ।अब बाबा ने आकर ज्ञान और योग के पंख दिए हैं ।
बाबा कहते हैं योगबल से तुम्हारे पाप भस्म होंगे। पुण्य आत्मा बन जाओगे ।इसलिए मामेकम् याद करो ।
वरदान : -
जो बाप के प्यार में लवलीन रहते हैं ।जो उनके प्यार में खोये रहते हैं। उनके लिए बाबा का प्यार मायाप्रूफ़ बन जाता है। न वो माया की तरफ आकर्षित होते हैं। न अल्पकाल के किसी आकर्षण में वो फँसते हैं।
जैसे मीरा श्री कृष्ण के प्रेम की दीवानी थी ।तो कोई माया उसे अपनी तरफ खींच नहीं पाई । वा दी जाने वाली हर तकलीफ उसके लिए वरदान बन गई ।
प्रश्न कौन से दो तरह के चार्ट देने चाहिये ?
उत्तर एक याद का चार्ट ।
एक सर्विस का चार्ट ।
स्लोगन : - न्यारे प्यारे होकर कर्म करने वाला ही सेकण्ड में फुलस्टॉप लगा सकता है ।
अर्थात् जो ज्यादा झमेलों में नहीं पड़ता उसके पास परेशानियों का स्टोक कम होता है ।इसलिए जल्दी ही वो सार में स्थित हो जाता है ।
ओम् शान्ति
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