आज का मनन चिंतन
मुरली का मेरे ब्राह्मण जीवन में महत्व
मुरली मेरे बाबा की मीठी वाणी है।
मुरली ज्ञान का अथाह भण्डार है।
मुरली आत्मिक स्मृतिमें रहने का साधन है।
मरली बाबा से जुड़ने का सरल तरीका है।
इसमें मन को वश करने का जादू है।
मन-बुद्धि की खुराक है ।
इस से ज्ञान रत्नों की प्राप्ति होती है।
यह अविनाशी खजाना है।ये कमाई का साधन है ।
बाबा की श्रीमत है।
इस से मैं विश्व महाराजन बनूँगा।
मुरली की गहराई में जाने से अनेक रहस्य उजागर होते है।
मुरली के ज्ञान रूपी भोजन को खाने के बाद डाइजेस्ट करने के लिए मनन चिंतन करने में आनंद की अनुभूति होती।
इसके द्वारा अवचेतन मन में छुपी हमारी शक्तियां इमर्ज होने लगती हैं।
इस के ज्ञान को समझने से हम हर परिस्तिथि का सामना करने के लिए तैयार हो जाते है।
मुरली में दिए स्वमानों को अंदर समाने से confidence बढ़ता है और वरदानों से भरपूर होते है।
मुरली हमारे लिए छेनी हथौड़ों का काम करती है ।जिस से हम पूजन योग्य बनते हैं।
मुरली के ज्ञान से अस्त्र शस्त्र प्राप्त होते हैं।
मुरली मेरे बाबा प्रेम भरा पत्र है।
पिता की कल्याणकारी समझानी है।
टीचर की शिक्षा ,गुरु का वरदान है । मित्र की रमणीक बातें हैं।
मुरली मेरा जीवन है।
मुरली सुप्रीम सर्जन द्वारा दी गई टॉनिक है।
मुरली हम आत्माओ को रिफ्रेश करती है।
संजीवनी बूटी है।
मुरली अन्धो के लिए आइना है।
अंधकार से प्रकाश में ले जाती है।
कर्म अकर्म विकर्म सुकर्म क
सच्चे अलोकिक परिवार से मिलाती हैं।
ॐ शान्ति
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