ॐ शांति
मनन चिंतन-
बाबा को गुड मॉर्निंग कहते हुए अपने ब्राह्मण जीवन का विशेष अनुभव:
बाबा मेरे खुदा दोस्त हैं। वह बिल्कुल दोस्तों जैसा प्यार और अपना पन अनुभव कराते हैं।
कभी तो वे आकर मेरा तकिया हिलाते है, कभी रजाई खींचते हैं। फिर में उन्हें मुस्कुरा कर धन्यवाद देता हूँ।
बाबा की याद में बैठता हूँ, और बाबा का आह्वान करता हु की, आकर अब मुझमे शक्तियाँ भरो।
सारे दिन के कर्म में बाबा मेरा पूरा साथ निभाते हैं। जब प्यार चाहिए, प्यार देते हैं। जब हिम्मत चाहिए, हिम्मत देते हैं।
बाबा की सुबह का डोज ही मेरे लिए पावरफुल होता है। खुदा दोस्त के बाद अब ओर कोई नही चाहिये। वहीँ मेरी जिंदगी को निखार रहे है व आगे बढ़ा रहे है।
Thank U खुदा दोस्त
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