Saturday, December 13, 2014

फ़रिश्ता

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         ��भोर का सुर��
           ��फ़रिश्ता��
फ़रिश्ता संकल्प और कर्मा से मुक्त रहता है संकल्प शक्ति से करता है क्योंकि संकल्प किसी न किसी कारन से ही आत्मा से उत्पन्न होते हैं और फ़रिश्ता निवारण स्वरुप होता है
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फ़रिश्ता स्वभाव संस्कार से भी मुक्त नेचुरल स्वाभाव वाला अर्थात अपने मूल स्वभाव गुण स्वरुप और शक्ति स्वरुप में स्थित रहता है
अपने को मर्यादित रखने के लिए शक्ति स्वरुप और दूसरों को मर्यादित रखने के लिए गुण स्वरुप ।
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संकल्प और संस्कार की देह से मुक्त होता है
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फ़रिश्ता अर्थात सर्वत्माओं की आकर्षण से मुक्त अपने विश्व सेवा के कार्य में ,विश्व कल्याण के कार्य में ,अपने धर्म स्थापना के कार्य में ,विश्व की पालना के कार्य में ,विश्व परिवर्तन के कार्य में अपनी लाइट और मिघ्त परिवर्तन के कार्य में व्यस्त रहता है
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फ़रिश्ते का निर्माण कार्य विश्व को  संपन्न बनाने का कार्य निरंतर चलते रहता है
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        ��ओम शान्ति��
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