मुरली पोयम्स
13/12/14
आत्मा की बैटरी को भरपूर करो
ज्ञान-योग से सतोप्रधान बनो
रावण का कोई घर नही, तभी भटकाता
रावण को बाबा नही कहना
बाप तो हमें ठिकाना देते
भटकना छुड़ा घर ले जाते
हम आत्मा भाई -भाई है, निश्चय रखना
अज्ञान नींद से सबको जगाना
शांतिधाम सुखधाम का रास्ता बताना
मन -बुद्धि को सेकण्ड में एकाग्र करना सीखना
कंट्रोलिंग पॉवर हो तब सर्वशक्ति संपन्न बनते
पवित्रता का ताज हो
विश्वकलयांकारी की जिम्मेवारी हो
तब ही डबल ताजधारी बनते
ॐ शांति !!!
मेरा बाबा !!!
बाबा पोयम्स
~~~~हाज़िर हुज़ूर~~~~
मेरा बाबा हाज़िर हुज़ूर है
मुझे सब उसका मंजूर है
दुनिया कहते जहा देखूँ तू ही तू है
मेरे दिल में वो चश्मेबदुर है
मन में एक सिर्फ तू ही तू है
होता मुझे बहुत गुरुर है
कभी न रहू तुम्से अब दूर मैं
सम्बन्ध मेरे उनसे अटूट है
जीवन मेरा भी अब खूब है
पाया मैंने नया सुरूर है
मेरा साजन वो हो रहा मशहूर है
बन गया अविनाशी सिंदूर है
गम ले ख़ुशी दे करता भरपूर है
उस से मोहब्बत करने का मुझे गुरुर है
वो तो मेरे दिल में, जिगर में हाज़िर है
हर पल होता महसूस है
वो तो हाज़िर हज़ूर है
मेरे दिल का सुकून है
घर उसका बहुत दूर है
लेकिन1सेकंड में हाज़िर हज़ूर है
ओमशांति !!!