वाह ड्रामा वाह
ड्रामा न्यायकारी,कल्याणकारी वा एक्यूरेट है।
यह हर जन्म के संस्कारों का recordभरने का समय अभी है। आत्मा में हर जन्म के संस्कारों का record इस समय भर रहे हो तो record भरने के समय second-2 का attention रखा जाता है।किसी भी प्रकार के tension का attention अर्थात tension में भी attention रहे। अगर किसी भी प्रकार का tension होता है तो record ठीक नही भर सकेगा।
सदा काल के लिए श्रेष्ठ नाम की बजाए यह गायन होता रहेगा कि जितना अच्छा भरना चाहिए उतना नही भरा है। इसलिए सब प्रकार के tension से परे स्वयं और समय का,बाप के साथ काattention रखते हुए second-2 का part बजाओ।मास्टर सर्व शक्तिमान,all mighty authority की संतान ऐसी knowledge full आत्माओं में tension का आधार दो शब्द हैं ।
कौन से दो शब्द????क्या और क्यों।किसी भी बात में यह क्या हुआ??यह क्यों हुआ???जब ये दो शब्द बुद्धि में आ जाते है तब किसी भी प्रकार का tension पैदा होता है। लेकिन संगम युगी श्रेष्ठ पार्ट धारी आत्माएं क्यों,क्या का tension नही रख सकती हैं,क्योकि सब जानते है कि साक्षी और साथीपन कीविशेषता,ड्रामा के हर पार्ट को बजाते हुए ,संस्कारों का record नम्बर वन stage में भरते जाओ।
यदि जरा भी संकल्प में tension हुआ अर्थात attention कम हुआ तो फुल पास नही होंगें। इसलिए अचल होना है।
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