साकार मुरलियो में प्रयुक्त हिंदी कहावत
बनी बनाइ बन रही अब कुछ बननी नाहीं, चिंता ताकि कीजिये, जो अनहोनी होए (गुरुग्रंथ साहब)
जो कुछ होता है, ड्रामा में उसकी नुंध है। किसी भी बात की चिंता नहीं करनी चाहिए क्युकी यह अटल भावी है। जो होना है वही हो रहा है। उसे साक्षी होकर देखना है।
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