Sunday, November 30, 2014

वन्डरफुल याद माना बाप टीचर

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वन्डरफुल याद माना बाप टीचर और सतगुरु तीनों रूप की याद

मगरूर बच्चे मुरली मिस करते

देह-अभिमान वश उसे डोंट केयर करते

मुरली रोज़ ही सुननी, अटेंशन देना

विनाशी नशा छूटे, अविनाशी नशा रहे

वर्थ- नॉट पेनी से वर्थ -पाउण्ड बन रहे

यह पढ़ाई अनकॉमन ,भगवान जो पढ़ा रहे

ज्ञान, गुण ,शक्तियों का दान ही महादानी बनना

दान का रूहानी अर्थ ही सहयोग देना

वरदानी वो जो श्रेष्ठ स्थिति और वृति के वायब्रेशन से करते सेवा

बापदादा के परिवार की समीप रहना माना

चहरे पर सन्तुष्टता, रूहानियत ,प्रसन्नता की मुस्कराहट होना

ॐ शांति !!!
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