ब्रह्मा बाप वतन में क्या करते हैं????
कई बच्चे सोचते हैं कि ब्रह्मा बाप वतन में क्या करते हैं???हम तो यहाँ सेवा करते रहते और ब्रह्मा बाप वहाँ वतन में क्या करते???लेकिन बाप कहते हैं जैसे साकार रूप में सदा बच्चों के साथ रहे ऐसे वतन में भी रहते हैं
बच्चों के साथ ही रहते हैं अकेले नही रहते हैं।बच्चों के बिना बाप को भी मजा नही आता है।जैसे बच्चों को बाप के बिना कुछ सूझता नही ऐसे बाप को भी बच्चों के बिना और कुछ नही सूझता।अकेले नही रहते हैं,साथ में ही रहते हैं।
साकार में तो साथ का अनुभव साकार रूप में थोड़े बच्चे ही कर सकते थे।अब तो अव्यक्त रूप में हर बच्चे के साथ जिस समय चाहे,जब चाहें साथ निभाते रहते हैं।जैसे चित्रों में दिखाते हैं ना।उन्होंने एक-एक गोपी के साथ कृष्ण को दिखा दिया।लेकिन
यह इस समय का गायन है।
अब अव्यक्त रूप में हर बच्चे के साथ जब चाहे रात को 2 बजे 2:30 बजे हैं, किसी भी समय साथ निभाते रहते हैं।साकार में तो centers पर चक्कर लगाना कभी-2 होता।लेकिन अव्यक्त रूप में तो पवित्र प्रवृति में भी चक्कर लगाते हैं।बाप को काम ही क्या है।बच्चों को समान बना कर साथ ले जाना।यही तो काम है और क्या है???तो इसी में ही busy रहते हैं।
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