Sunday, November 30, 2014

लगाव मुक्त बन बेहद के वैरागी बनो।

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लगाव मुक्त बन बेहद के वैरागी बनो।
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अभी समय प्रमाण बेहद की वैराग्य वृति को इमर्ज करो। बिना बेहद की वैराग्य वृति के सकाश की सेवा नही हो सकती।follow father करो। साकार में ब्रह्मा बाप रहा। निराकार की तो बात छोडो। साकार में सर्व प्राप्ति के साधन होते हुए,सर्व बच्चों की जिम्मेवारी होते हुए
,circumstanceसमस्याएं आते हुए pass हो गए ना।pass with honour का certificate ले लिया। विशेष कारण "बेहद की वैराग्य वृति"।

��अभी सूक्ष्म सोने की जंजीरों के लगाव,बेहद सूक्ष्म लगाव बहुत हैं। कई बच्चे तो लगाव को समझते भी नही हैं कि यह लगाव है। समझते हैं यह तो होता ही है,यह तो चलता ही है।ये अनेक प्रकार के लगाव बेहद के वैरागी बनने नही देते हैं। चाहना है बने,संकल्प भी करते हैं बनना ही है लेकिन चाहना और करना कम नही है। चाहना अधिक है करना कम है। करना ही है यह वैराग्य वृति अभी इमर्ज नही है।

बीच-2में इमर्ज होती है फिर मर्ज हो जाती है समय तो करेगा ही लेकिन pass with honour नही बन सकते।pass होंगे लेकिन pass with honour नही। समय की रफ्तार तेज है,पुरुषार्थ की रफ्तार कम है। मोटा मोटा पुरुषार्थ तो है लेकिन सूक्ष्म लगाव में बंध जाते हैं। बाप दादा जब बच्चों के गीत सुनते हैं--उड़ आये...उड़ आयें।तो सोचते है उड़ा तो ले लेकिन लगाव उड़ने देंगे???या ना इधर के रहेंगे ना उधर के रहेंगे।अभी समय प्रमाण बेहद के वैरागी बनो।
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