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धर्मराज
अभी अभी अपने आसुरी संस्कारों को भस्म करने की हिम्मत रख संहारी रूप बने तो मुबारक है।अभी यह भी ध्यान रखना कि सूक्ष्म सजाओं के साथ साथ स्थूल सजाएं भी होती हैं।ऐसे नही समझना सूक्ष्म में मिलती हैं।
लेकिन ईश्वरीय मर्यादाओं प्रमाण कोई भी अगर अमर्यादा का कर्तव्य करते हैं मर्यादा उल्लंघन करते है तो ऐसे अमर्यादा से चलने वालों को स्थूल सजाएं भी भोगनी पड़ेंगीं।फिर तब क्या होगा???अपने दैवी परिवार स्नेह सम्बन्ध और जो वर्तमान समय की समाप्ति का खजाना है उससे वंचित होना पड़े।
इसलिए अब बहुत सोच समझ कर कदम उठाना है।ऐसे laws शक्तियों द्वारा स्थापन हो रहें हैं।पहले से ही सावधान करना चाहिए ना।फिर ऐसे नही कहना कि ऐसे तो हमने समझा नही था।
तो पहले से ही सुना रहे हैं।सूक्ष्म laws के साथ स्थूल laws वा नियम भी हैं।जैसे जैसे गलती ,उसी प्रमाण ऐसी गलती करने वालों को सजा
इसलिए law maker हो तो law को break नही करना।अगर law maker भी law को break करेंगे तो फिर lawful राज्य कैसे कर सकेंगे।
इसलिए अब स्वयं को law maker समझ कर हर कदम lawful उठाओ।अर्थात श्रीमत प्रमाण उठाओ।
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